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Tag Archives: Supreme Court

Aug 23
इसलिए बाक़ी सब चंगा है जी!
राग देश  | क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi
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'इंडिया टुडे' के एक सर्वे के मुताबिक़ 71 प्रतिशत लोग मोदी सरकार के काम से ख़ुश हैं. अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएँ, तो बीजेपी पहले से भी 32 सीटें ज़्यादा जीतेगी. पिछले चुनाव में उसे 282 सीटें मिली थीं. आज वह 314 सीटें जीत लेगी. पिछले चुनाव में बीजेपी को महज़ 31 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया था, आज 40 प्रतिशत लोग बीजेपी को वोट देने के लिए तैयार हैं. अभी तो सरकार के सौ दिन भी नहीं पूरे हुए. यह कमाल हो गया! और इससे भी बड़ा कमाल यह है कि आज 46 प्रतिशत मुसलमान भी मानते हैं कि नरेन्द्र मोदी विकास के प्रतीक हैं! छह-सात महीने पहले तक 22 फ़ीसदी मुसलमान मोदी को 'हिन्दू राष्ट्रवादी' समझते थे, आज केवल नौ फ़ीसदी ही ऐसा मानते हैं! हालाँकि मोदी सरकार बनने के बाद से संघ की सक्रियता बड़ी तेज़ी से बढ़ी है और सरकार व बीजेपी में भी उसका दख़ल बहुत बढ़ा है, लेकिन फिर भी सर्वे के मुताबिक़ ज़्यादातर लोगों को उम्मीद है कि मोदी संघ के रास्ते पर नहीं चलेंगे! तो जनता के मन में मोदी की मनमोहनी मूरत बस गयी है, तो बस सब बढ़िया है.

--- क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi वैसे तो सब ठीक है. घर में सब कुशल मंगल है. आशा है कि आप भी स्वस्थ, सानन्द होंगे. यहाँ भी अपना लोकतंत्र 'सेवक सरकार' को पा कर अति प्रसन्न है. 'स्वामी' प्रजाजन भी 'सेवक' के कार्य से अत्यन्त प्रभावित हैं. यत्र तत्र सर्वत्र सर्वजन परम आनन्दित हैं! ऐसा ताज़ा समाचार अभी-अभी एक सर्वे में मिला है कि 71 प्रतिशत लोग सरकार के अब तक के काम से बिलकुल सन्तुष्ट हैं. ('India Today' Mood of the Nation, August 2014) अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएँ, तो नमो के नेतृत्व में बीजेपी पहले से भी 32 सीटें ज़्यादा जीतेगी. पिछले चुनाव में उसे 282 सीटें मिली थीं. आज चुनाव हो तो बीजेपी 314 सीटें जीत लेगी. पिछले चुनाव में बीजेपी को महज़ 31 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया था, आज 40 प्रतिशत लोग बीजेपी को वोट देने के लिए तैयार हैं. अभी तो सरकार के सौ दिन भी नहीं पूरे हुए. यह कमाल हो गया!

 मुसलमानों के भी मोदी!

और इससे भी बड़ा कमाल यह है कि आज 46 प्रतिशत मुसलमान भी मानते हैं कि नरेन्द्र मोदी विकास के प्रतीक हैं! छह-सात महीने पहले तक 22 फ़ीसदी मुसलमान मोदी को 'हिन्दू राष्ट्रवादी' raagdesh modi wave continuesसमझते थे, आज केवल नौ फ़ीसदी ही ऐसा मानते हैं! क्यों भई, ऐसा क्यों? जबकि जब से मोदी सरकार आयी है, संघ प्रमुख मोहन भागवत रोज़ 'हिन्दू राष्ट्र' का नया तराना छेड़ देते हैं. भाई अशोक सिंहल अब बिलकुल आश्वस्त हैं कि राम मन्दिर का निर्माण तो बस अति निकट है. वह अब यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड की डुगडुगी भी बजाने लगे हैं. दीनानाथ बतरा जी के पाठ गुजरात से चल कर मध्य प्रदेश में दस्तक देने लग गये हैं. वहाँ एक विज्ञान मेले में बतरा जी के 'वैज्ञानिक चिन्तन' से बहुत लोगों ने बड़ी 'प्रेरणा' ली. और 'अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना' के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब एक नये इतिहास लेखन की तैयारी में है! यह सब है, लेकिन फिर भी ज़्यादा नहीं तो 47 फ़ीसदी लोगों को पक्की उम्मीद है कि मोदी संघ के रास्ते पर नहीं चलेंगे! बाक़ी 31 फ़ीसदी लोग मानते हैं कि मोदी एक सन्तुलन बना कर चलेंगे. अब यह अलग बात है कि मोदी और नये बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह दोनों ही बीजेपी को संघ की देन हैं और अमित शाह की नयी टीम बीजेपी में संघ से आये लोगों की भरमार है! लेकिन जनता के मन में मोदी की मनमोहनी मूरत बस गयी है, तो बस सब बढ़िया है. (more…)
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मेरे बारे में….
स्वतंत्र स्तम्भकार. पेशे के तौर पर 35 साल से पत्रकारिता में. आठ साल तक (2004-12) टीवी टुडे नेटवर्क के चार चैनलों आज तक, हेडलाइन्स टुडे, तेज़ और दिल्ली आज तक के न्यूज़ डायरेक्टर. 1980 से 1995 तक प्रिंट पत्रकारिता में रहे और इस बीच नवभारत टाइम्स, रविवार, चौथी दुनिया में वरिष्ठ पदों पर काम किया. 13-14 साल की उम्र से किसी न किसी रूप में पत्रकारिता और लेखन में सक्रियता रही. Read more
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