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Tag Archives: Rahul Gandhi

Jan 03
2015 और देश की लकीरें
राग देश  | क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi
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2015 में 'हाॅट सीट' पर हैं, नरेन्द्र मोदी, राहुल गाँधी, नीतीश कुमार और अरविन्द केजरीवाल! एक साल और दाँव पर चार भविष्य! किसके सामने क्या चुनौतियाँ हैं 2015 में और क्यों यह साल इस पार या उस पार का साल है?

---क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi
तो आपका समय शुरू होता है अब! और 'हाॅट सीट' पर हैं, नरेन्द्र मोदी, राहुल गाँधी, नीतीश कुमार और अरविन्द केजरीवाल! 2015 कोई मामूली साल नहीं है, जो हर साल की तरह बस आयेगा और चला जायेगा! यह लकीरों के बनने-बनाने और मिटने-मिटाने का साल है! इस साल को तय करना है कि देश किन लकीरों पर चलेगा? और इस साल को यह भी तय करना है कि राजनीति की नयी तसवीर क्या होगी? जाने या अनजाने, इस बार नये साल पर उर्दू शायर अमीर क़ज़लबाश की मशहूर ग़ज़ल का यह शेर ख़ूब चर्चा में रहा--'यकुम (एक) जनवरी है नया साल है, दिसम्बर में पूछूँगा क्या हाल है?'

बड़े और कड़े मंथन का साल

वाक़ई, इस बार 2015 के दिसम्बर में पूछना ही पड़ेगा कि क्या हाल है? कम से कम उन चार लोगों से, जिनके नाम शुरू में लिये गये हैं! 2015 एक बड़े और कड़े मंथन का साल raagdesh-battle-of-2015-for-modi-rahul-kejriwal-and-nitishहोगा. इस साल बहुत कुछ होना है. बहुत कुछ दाँव पर है. बहुत कुछ मँझधार में है! इस पार या उस पार? इधर या उधर या किधर? मोदी सरकार सात महीने पूरे कर चुकी. अब सरकार को काम करके दिखाना है! 2015 सरकार के काम का साल होगा. लोग देखना चाहेंगे कि नमो ने चुनाव से पहले विकास का जो बड़ा चमकीला-तड़कीला ख़ाका खींचा था, उसे पाने के लिए सरकार के पास कोई 'रोडमैप' है क्या? लोग बड़ी उम्मीद से हैं. दो महीने बाद सरकार को बजट पेश करना है. क्या सरकार के पास अर्थव्यवस्था के लिए कुछ बड़े आइडिया हैं? (more…)
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मेरे बारे में….
स्वतंत्र स्तम्भकार. पेशे के तौर पर 35 साल से पत्रकारिता में. आठ साल तक (2004-12) टीवी टुडे नेटवर्क के चार चैनलों आज तक, हेडलाइन्स टुडे, तेज़ और दिल्ली आज तक के न्यूज़ डायरेक्टर. 1980 से 1995 तक प्रिंट पत्रकारिता में रहे और इस बीच नवभारत टाइम्स, रविवार, चौथी दुनिया में वरिष्ठ पदों पर काम किया. 13-14 साल की उम्र से किसी न किसी रूप में पत्रकारिता और लेखन में सक्रियता रही. Read more
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