Follow Raagdesh

twitter google_plus linkedin facebook mail

Tag Archives: Lal Qila

Aug 09
कहाँ है छप्पन भोग की थाली?
राग देश  | क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi
Comments: 0 

'राग देश' ईमेल पर मंगाएँ

चौदह का चुनाव आशाओं और आशंकाओं के बीच एक युद्ध माना जा रहा था. आशंकाएँ तो हूबहू सही साबित होती दिख रही हैं, लेकिन आशाओं की जो छप्पन भोग थाली सजायी गयी थी, वह कहाँ है? और क्या देश उसी रास्ते चलेगा, जो संघ तय करेगा? संघम् शरणम् गच्छामि या अबकी बार मोदी सरकार? जनता ने संघ को वोट दिया है या नरेन्द्र मोदी को? इस पन्द्रह अगस्त पर जनता के बस यही तीन-चार छोटे-छोटे सवाल हैं. उम्मीद हैं कि ये सवाल बहुत कठिन नहीं होंगे!

--- क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi टकटकी लगी है! सबकी नज़र टिकी है लालक़िले पर! मोदी जी क्या बोलेंगे? बहुत दिनों बाद मोदी जी देश में कुछ बोलेंगे! लोग हैरान हैं. जाने क्या बात है 7 रेसकोर्स रोड में? कोई 'मौनी हवा' है क्या वहाँ? जो वहाँ बसता है, वह मौन रहने लगता है!सब अचरज में हैं! नमो जी जैसे बोलबहादुर कैसे 'चुप' रहने लगे? या कैसे मन मार कर चुप रहते होंगे? सब हुँकारना-दहाड़ना, गरजना-तरजना ख़त्म! बड़े संयम से 'मौन व्रत' चल रहा है! जब मुख्यमंत्री थे तो कम से कम ट्विटर पर ही दिन भर में दिल्ली पर दो-चार हमले कर दिया करते थे! अब दिल्ली फ़तह हो गयी, तो किस पर हमले करें? सो अब ट्विटर के तीर भी नहीं चलते! उधर मीडिया अलग परेशान है. पीएमओ के अँगने में अब मीडिया का क्या काम है?

राजनीति के शो-मैन मोदी

इसलिए सबके कान लगे हैं. देखें नमो क्या बोलते हैं? वह पहली बार लाल क़िले के प्राचीर से बोलेंगे. पिछले पन्द्रह अगस्त को उन्होंने लालन कालेज से लालक़िले पर चढ़ाई की थी. स्वाधीनता raagdesh expectations from Modi's Independence Day speechदिवस पर प्रधानमंत्री के भाषण को एक मुख्यमंत्री ने तार-तार कर दिया था. मर्यादा टूटी तो टूटी, क्या फ़र्क़ पड़ता है? फ़र्क़ तो पड़ता है. बशर्ते कि लोग यह न मानते हों कि राजनीति में सब जायज़ है! मर्यादाओं के बिना राजनीति नहीं, सिर्फ़ राज-अनीति ही हो सकती है! हिन्दी फ़िल्मों के शो-मैन हुआ करते थे राजकपूर! नरेन्द्र मोदी भारतीय राजनीति के शो-मैन हैं! सब भव्य हो. बड़ा हो. झकास हो. 'वाव' फ़ैक्टर हो. चुनाव-प्रचार में इसी शो-मैनशिप की चकाचौंध ने विरोधियों को भी चौंधियाया और जनता को भी! इसलिए अब हर कोई उत्सुक है, मोदी समर्थक भी, आलोचक भी और विरोधी दलों के नेता भी. देखें नमो के 'मैजिक बाक्स' से पन्द्रह अगस्त को क्या निकलता है? क्या कोई नया जादू निकलता है, कायाकल्प का कोई 'मेगा-प्लान' निकलता है या अस्सी दिन बाद भी वही बजट जैसा 'फुस्स पटाख़ा' निकलेगा! बजट से भी लोग क्यों निराश हुए? इसीलिए कि लोग उसमें भी कोई बड़ी जादूगरी की उम्मीद कर रहे थे, कि कोई बड़ा झन्नाटेदार महासुपरमैन टाइप बजट होगा. लेकिन बजट वैसा ही निकला, जैसा आमतौर पर बजट होता है! (more…)
'राग देश' ईमेल पर मंगाएँ
ADD COMMENT
Most Viewed
muslim-population-myth-and-reality

क्यों बढ़ती है मुसलिम आबादी?
  तो साल भर से रुकी हुई वह रिपोर्ट अब जारी होनेवाली है! ...
Posted On  24th January 2015 2:21
economic-backwardness-literacy-and-muslim-population-growth

मुसलिम आबादी मिथ, भाग-दो!
मुसलिम आबादी का मिथ - भाग दो! पहला भाग कब आया? शायद 'राग द...
Posted On  27th August 2016 7:47
can-demonetisation-curb-black-money

तो क्या ख़त्म हो जायेगा काला धन?
बस एक महीने पहले ही मैंने 'राग देश' में लिखा था कि कुछ ल...
Posted On  12th November 2016 12:35
मेरे बारे में….
स्वतंत्र स्तम्भकार. पेशे के तौर पर 35 साल से पत्रकारिता में. आठ साल तक (2004-12) टीवी टुडे नेटवर्क के चार चैनलों आज तक, हेडलाइन्स टुडे, तेज़ और दिल्ली आज तक के न्यूज़ डायरेक्टर. 1980 से 1995 तक प्रिंट पत्रकारिता में रहे और इस बीच नवभारत टाइम्स, रविवार, चौथी दुनिया में वरिष्ठ पदों पर काम किया. 13-14 साल की उम्र से किसी न किसी रूप में पत्रकारिता और लेखन में सक्रियता रही. Read more
त्वरित टिप्पणी
तीन तलाक़ और नयी सोशल इंजीनियरिंग तीन तलाक़ पर फ़ैसले के बाद क्या अब एक नयी सोशल इंजीनियरिंग की शुरुआत होगी? और अगर ऐसा हुआ तो क्या देश की राजनीति में हम एक नया मोड़ देखेंगे? ठीक वैसे ही जैसे मंडल के बाद दलित-पिछड़ा राजनीति के बिलकुल नये समीकरण देखे गये थे. हालाँकि पिछले तीन साल में [..] Read More
Follow Us On Facebook

Recent Posts