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Tag Archives: Islami Nationalism

Apr 04
इतिहास बोल रहा है, आप सुनेंगे क्या?
राग देश  | क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi
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Secularism and Radical Religious Right - Raag Desh 040415.jpg
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कहीं का इतिहास कहीं और का भविष्य बाँचे! बात बिलकुल बेतुकी लगती है न! इतिहास कहीं और घटित हुआ हो या हो रहा हो और भविष्य कहीं और का दिख रहा हो! लेकिन बात बेतुकी है नहीं! समय कभी-कभार ऐसे दुर्लभ संयोग भी प्रस्तुत करता है! आप देख पाये, तो ठीक. वरना इतिहास तो अपने को दोहरा ही देगा. क्योंकि इतिहास बार-बार अपने को दोहराने को ही अभिशप्त है! बात बांग्लादेश की है. वहाँ अभी हाल में एक और सेकुलर ब्लागर की हत्या कर दी गयी. सेकुलरिस्टों और इसलामी चरमपंथियों के बीच बांग्लादेश में भीषण संघर्ष चल रहा है. सेकुलर वहाँ जिहादी इसलाम के निशाने पर हैं. आज से नहीं, बल्कि पिछले पैंतालीस सालों से. और संयोग से सेकुलर यहाँ अपने देश में भी निशाने पर हैं! किसके निशाने पर? आप सब जानते ही हैं!

वसीक़ुर्रहमान की ग़लती क्या थी

तो ब्लागर वसीक़ुर्रहमान की ग़लती क्या थी? वह सेकुलर था. धर्मान्धता, साम्प्रदायिक कट्टरपंथ और चरमपंथ के ख़िलाफ़ लिखता रहता था. उसने अपनी फ़ेसबुक वाल पर लिखा था, 'मैं भी अभिजित राॅय.' यह अभिजित राॅय कौन हैं? अभिजित भी एक सेकुलर ब्लागर थे, जिनकी इसी फ़रवरी में ढाका में हत्या कर दी गयी थी. और अभिजित राॅय से पहले वहाँ के राजशाही विश्वविद्यालय के दो शिक्षक शैफ़ुल इसलाम और मुहम्मद यूनुस इसलामी चरमपंथियों के हाथों मारे गये थे. उसके पहले डैफ़ोडिल विश्वविद्यालय के छात्र अशरफ़-उल-आलम की हत्या हुई थी और उसके भी पहले फ़रवरी 2013 में जब ढाका के शाहबाग़ स्क्वायर पर धार्मिक अनुदारवादियों और स्वतंत्रता आन्दोलन विरोधियों के ख़िलाफ़ 'गणजागरण मंच' का उद्घोष अपने उफ़ान पर था, इस आन्दोलन के एक प्रणेता अहमद राजिब हैदर की हत्या कर दी गयी. उसके भी कुछ और पीछे जायें तो तसलीमा नसरीन को चरमपंथियों की धमकी के कारण देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा और 2004 में मशहूर लेखक हुमायूँ आज़ाद पर क़ातिलाना हमला हुआ, जिनकी बाद में जर्मनी में इलाज के दौरान मौत हो गयी. (more…)
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मेरे बारे में….
स्वतंत्र स्तम्भकार. पेशे के तौर पर 35 साल से पत्रकारिता में. आठ साल तक (2004-12) टीवी टुडे नेटवर्क के चार चैनलों आज तक, हेडलाइन्स टुडे, तेज़ और दिल्ली आज तक के न्यूज़ डायरेक्टर. 1980 से 1995 तक प्रिंट पत्रकारिता में रहे और इस बीच नवभारत टाइम्स, रविवार, चौथी दुनिया में वरिष्ठ पदों पर काम किया. 13-14 साल की उम्र से किसी न किसी रूप में पत्रकारिता और लेखन में सक्रियता रही. Read more
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