Follow Raagdesh

twitter google_plus linkedin facebook mail
Comments: 3 
mukhtar-ansari-and-politics-of-opportunism
हमने इसी हफ़्ते गणतंत्र की 68वीं सालगिरह बड़ी धूमधाम से मनायी है. राजपथ पर देशभक्ति हिलोरें मार रही थी. देश की तरक़्क़ी का, हमारी सैन्य ताक़त का, हमारे हौसलों का क्या शानदार ...
Comments: 1 
modi-photo-on-kvic-calendar-replacing-gandhi
बहुत हो गये गाँधी. अबकी बार मोदी खादी! इस साल खादी भी मोदीमय हो गयी. इस साल गाँधी नहीं, मोदी जी खादी के 'ब्रांड एम्बेसेडर' हैं. ज़माना बदल गया है!

वह हर हर मोदी, घर घर मोदी ...
Comments: 3 
assembly-elections-2017
अबकी बार, तीन सवाल! नोटबंदी, अखिलेश और केजरीवाल. चुनाव तो होते ही रहते हैं, लेकिन कुछ चुनाव सिर्फ़ चुनाव नहीं होते, वह समय के ऐसे मोड़ पर होते हैं, जो समय का नया लेखा लिख जाते ...
Comments: 2 
akhilesh-expelled-from-samajwadi-party
राजनीति धारणाओं से चलती है. एक लाइन के इस सूत्र को 2014 में नरेन्द्र मोदी ने धमाकेदार कामयाबी से आज़माया. और किसी ने इसे समझा हो या न समझा हो, अखिलेश यादव ने इस सूत्र को ख़ूब ...
Comments: 3 
notebandi-for-political-parties
नोट गन्दे हैं! नोटों में काला धन रहता है! नोट न हों तो भ्रष्टाचार ख़त्म हो जायेगा! तो जनता नोटों में लेन-देन करना छोड़ दे. कर्मचारियों को वेतन चेक से या ऑनलाइन दिया जाये. लेकिन ...
Most Viewed
muslim-population-myth-and-reality क्यों बढ़ती है मुसलिम आबादी?

 

तो साल भर से रुकी हुई वह रिपोर्ट अब
Posted On  24th Jan 2015 2:21
economic-backwardness-literacy-and-muslim-population-growth मुसलिम आबादी मिथ, भाग-दो!
मुसलिम आबादी का मिथ - भाग दो! पहला भाग कब आया? शायद 'राग देश'
Posted On  27th Aug 2016 7:47
can-demonetisation-curb-black-money तो क्या ख़त्म हो जायेगा काला धन?
बस एक महीने पहले ही मैंने 'राग देश' में लिखा था कि कुछ लोग
Posted On  12th Nov 2016 12:35
मेरे बारे में….
स्वतंत्र स्तम्भकार. पेशे के तौर पर 35 साल से पत्रकारिता में. आठ साल तक (2004-12) टीवी टुडे नेटवर्क के चार चैनलों आज तक, हेडलाइन्स टुडे, तेज़ और दिल्ली आज तक के न्यूज़ डायरेक्टर. 1980 से 1995 तक प्रिंट पत्रकारिता में रहे और इस बीच नवभारत टाइम्स, रविवार, चौथी दुनिया में वरिष्ठ पदों पर काम किया. 13-14 साल की उम्र से किसी न किसी रूप में पत्रकारिता और लेखन में सक्रियता रही. Read more
त्वरित टिप्पणी
क्यों राहुल-अखिलेश को यह साथ पसन्द है? लखनऊ में रविवार को राहुल-अखिलेश के साझा रोड शो के कुछ राजनीतिक सन्देश बड़े स्पष्ट हैं. एक, यह महज़ उत्तर प्रदेश का चुनावी गठबन्धन नहीं है, बल्कि 2019 का विपक्षी राजनीति का रोडमैप है. यानी गठबन्धन को लम्बा चलना है.

दो, दाँव पर सिर्फ़ एक चुनाव की [..] Read More
Follow Us On Facebook

Recent Posts