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notebandi-national-anthem-and-beyond
लगता है कि देश एक टीवी चैनल के स्टूडियो में बदल गया है! जैसे टीवी चैनलों पर बहसें होती हैं, वैसे ही देश में बहसें हो रही हैं. बहसों पर बहस, और बहस, फिर और बहस! बहसें हैं, हो रही ...
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cashless-society-has-some-inherent-risks
काला धन बाहर निकालने के बहाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बार बड़ी दूर का पाँसा फेंका है. राह में जोखिम ही जोखिम हैं. दाँव सही पड़ गया तो 2019 में वह फिर अजेय हो कर दिल्ली ...
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demonetisation-india-2016
जिनके परिवार के लोग मर गये, वह 'ख़ुश' हैं! जिनके यहाँ शादियाँ रुक गयीं, वह भी 'ख़ुश' हैं! और वह भी 'ख़ुश' हैं, जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, जिनका काम-धन्धा, खेती-बाड़ी, ...
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can-demonetisation-curb-black-money
बस एक महीने पहले ही मैंने 'राग देश' में लिखा था कि कुछ लोग पाँच सौ और हज़ार रुपये के नोटों को रद्द कर देने के बचकाने सुझाव दे रहे हैं
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uniform-civil-code-and-hindu-rashtra-debate
परतें खुल रही हैं. धीरे-धीरे. यूनिफ़ार्म सिविल कोड पर अब एक नया सुझाव है. शायद लोगों का ध्यान उधर गया नहीं. लेकिन सुझाव बहुत ख़तरनाक है. और उससे भी कहीं ज़्यादा ख़तरनाक है ...
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तो साल भर से रुकी हुई वह रिपोर्ट अब
Posted On  24th Jan 2015 2:21
economic-backwardness-literacy-and-muslim-population-growth मुसलिम आबादी मिथ, भाग-दो!
मुसलिम आबादी का मिथ - भाग दो! पहला भाग कब आया? शायद 'राग देश'
Posted On  27th Aug 2016 7:47
can-demonetisation-curb-black-money तो क्या ख़त्म हो जायेगा काला धन?
बस एक महीने पहले ही मैंने 'राग देश' में लिखा था कि कुछ लोग
Posted On  12th Nov 2016 12:35
मेरे बारे में….
स्वतंत्र स्तम्भकार. पेशे के तौर पर 35 साल से पत्रकारिता में. आठ साल तक (2004-12) टीवी टुडे नेटवर्क के चार चैनलों आज तक, हेडलाइन्स टुडे, तेज़ और दिल्ली आज तक के न्यूज़ डायरेक्टर. 1980 से 1995 तक प्रिंट पत्रकारिता में रहे और इस बीच नवभारत टाइम्स, रविवार, चौथी दुनिया में वरिष्ठ पदों पर काम किया. 13-14 साल की उम्र से किसी न किसी रूप में पत्रकारिता और लेखन में सक्रियता रही. Read more
त्वरित टिप्पणी
नाप लीजिए, विपक्ष कितने पानी में है? तिल का ताड़ नहीं, ताड़ का तिल! बात 'भारत बन्द' से शुरू हुई थी, और दो दिन में ही 'आक्रोश दिवस' में बदल गयी. नाप लीजिए कि विपक्ष कितने पानी में है और कहाँ खड़ा है.

नोटबंदी के मसले पर जनता कितनी तकलीफ़ में है, कितने ग़ुस्से में है, है भी या नहीं, 'भारत बन्द' [..] Read More
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